चंदेरी | सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 9 लाख 80 हजार रुपए की ठगी करने वाले फर्जी IAS अधिकारी और उसके साथियों के मामले में चंदेरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने भोपाल निवासी भाई-बहन तृप्ति सिंह राजपूत (30) और सुधांशु सिंह राजपूत (23) को किला कोठी होटल से गिरफ्तार किया है। मामले में शामिल तनुज बैश्य और अंजली सिंह की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक 7 अप्रैल 2025 को आरोपी चंदेरी घूमने आए थे और किला कोठी में ठहरे थे। तृप्ति सिंह ने खुद को मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताया। इसके बाद उसने फरियादियों को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। आरोपियों ने बताया कि नौकरी मानव संसाधन विकास मंत्रालय में लगेगी और तृप्ति सिंह ने खुद को वहां का हेड बताया।
तीन लाख रुपए प्रति व्यक्ति मांगे
आरोपियों ने नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपए प्रति व्यक्ति मांगे। उनके झांसे में आकर फरियादियों ने कुल 9 लाख 80 हजार रुपए नकद किला कोठी में आरोपियों को दे दिए। साथ ही नौकरी के लिए जरूरी दस्तावेज भी सौंपे। दो लाख रुपए बाद में देने की बात तय हुई थी।
शिकायत के बाद चंदेरी पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत अलग-अलग केस दर्ज कर जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों से होटल तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एएसपी अंतरसिंह कनेश और एसडीओपी महेश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रशांत यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी संसाधनों की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की।
पुलिस ने किला कोठी होटल से तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु सिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
अन्य लोगों से ठगी की भी जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी सरकारी अधिकारी या किसी प्रतिष्ठित संस्था का अधिकारी बनकर नौकरी का झांसा दिया है या नहीं। पुलिस ने ऐसे लोगों से सामने आकर शिकायत करने की अपील की है।
एसपी की अपील: सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर कोई अधिकारी या अन्य व्यक्ति रुपए मांगे तो भुगतान न करें। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।