अशोकनगर। भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ जिले में गहराते जल संकट को देखते हुए कलेक्टर साकेत मालवीय ने पूरे जिले को ‘जल अभावग्रस्त’ (Water Scarcity Area) घोषित कर दिया है। गिरते जलस्तर को संभालने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
❌ इन कार्यों पर रहेगा सख्त प्रतिबंध:
बिना अनुमति के किसी भी निजी या व्यावसायिक बोरिंग (ट्यूबवेल खनन) पर पूरी तरह रोक
नदी, नालों, बांधों और जलाशयों के पानी का उपयोग खेती या औद्योगिक कार्यों में नहीं किया जा सकेगा
पानी का उपयोग अब केवल पीने और दैनिक जरूरतों (निस्तार) के लिए ही सीमित रहेगा
⚠️ नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई:
यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करता है:
1. पहली बार: ₹5,000 जुर्माना
2. दूसरी बार: ₹10,000 जुर्माना
3. सजा: 2 साल तक की जेल भी हो सकती है
📅 आदेश कब तक लागू रहेगा?
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 30 जून 2026 तक (या अच्छी बारिश होने तक) प्रभावी रहेगा।
📝 विशेष अनुमति कैसे मिलेगी?
यदि किसी विशेष परिस्थिति में बोरिंग की आवश्यकता हो, तो संबंधित क्षेत्र के SDM (अनुविभागीय दंडाधिकारी) से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
👉 प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पानी का संयमित उपयोग करें और हर बूंद बचाने में सहयोग दें।
💧 “जल ही जीवन है” — नियमों का पालन करें और इस जरूरी जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।