अशोकनगर में अमानवीय तस्वीर: मासूम की मौत के बाद भी नहीं मिली सुविधा, बाइक पर ले जाना पड़ा शव


अशोकनगर। जिले से एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला अस्पताल में एक मासूम बच्चे की मौत के बाद परिजनों को शव ले जाने के लिए कोई सुविधा नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें मजबूरी में बाइक का सहारा लेना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, परिजन बच्चे को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। लेकिन दुख की इस घड़ी में भी अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि उन्हें शव ले जाने के लिए न तो एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई और न ही किसी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था दी गई।

मजबूर होकर परिजन मासूम के शव को कपड़े में लपेटकर बाइक पर ही अपने गांव के लिए रवाना हो गए। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने यह दृश्य देखा तो हर कोई स्तब्ध रह गया। यह घटना सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। मासूम की मौत के बाद भी सम्मानजनक तरीके से शव ले जाने की सुविधा तक नहीं मिल पाना सिस्टम की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जिम्मेदारों पर क्या कदम उठाए जाते हैं। ऐसी घटनाएं न सिर्फ व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि मानवता को भी झकझोर देती हैं।

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