अशोकनगर, 27 मई 2026।
जिले के ईसागढ़ थाना क्षेत्र में नाबालिग आदिवासी बच्ची के अपहरण और एक लाख रुपये में सौदेबाजी के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में फरार चल रही मुख्य साजिशकर्ता एवं पीड़िता की सगी बुआ सुखवती आदिवासी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक अशोकनगर राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में जिले में अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत ईसागढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गुना क्षेत्र से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया।
जानकारी के अनुसार, 23 मई 2026 को ईसागढ़ थाना क्षेत्र से 17 वर्षीय नाबालिग आदिवासी बालिका के अपहरण की सूचना पुलिस को मिली थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल तीन संयुक्त टीमों का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कंवर एवं एसडीओपी चंदेरी महेशा शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस ने मात्र 6 घंटे के भीतर नजीराबाद और ब्यावरा क्षेत्र से बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया था।
मामले में पहले ही आरोपी गुड्डी बाई गुर्जर, नीरज जोगी, लखन गुर्जर और प्रेम गुर्जर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखकर उसके बयान लिए गए थे। बयान में पीड़िता ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसकी सगी बुआ सुखवती आदिवासी ने एक लाख रुपये के लालच में उसका सौदा आरोपी गुड्डी बाई गुर्जर से किया था और उसी के माध्यम से अपहरण की पूरी साजिश रची गई थी।
पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने सुखवती आदिवासी को आरोपी बनाया था, जो घटना के बाद से लगातार फरार चल रही थी। थाना प्रभारी कदवाया मनीष सिंह जादौन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा तथा ऐसे मामलों में कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कदवाया मनीष सिंह जादौन, थाना प्रभारी ईसागढ़ मीना रघुवंशी सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।