खाते में पैसा था, फिर भी 8 महीने तक नहीं किया 2.19 लाख का भुगतान; सरपंच बर्खास्त


उमरिया। मनरेगा के तहत किए गए कार्य का भुगतान आठ महीने तक रोकना ग्राम पंचायत गिंजरी के सरपंच को भारी पड़ गया। जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ने मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा-40 के तहत ग्राम पंचायत गिंजरी के सरपंच नन्हू सिंह को पद से बर्खास्त कर दिया है। जांच में शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और वित्तीय अनियमितता सामने आई।

मामला पाली जनपद क्षेत्र के ग्राम बरबसपुर में मनरेगा के तहत स्वीकृत अमृत सरोवर जोगी नाला निर्माण कार्य का है। इस कार्य में ट्रैक्टर-ट्रॉली से सामग्री परिवहन करने वाले स्थानीय वेंडर सियाराम महरा का 2 लाख 19 हजार रुपए का भुगतान करीब आठ महीने से लंबित था।

भुगतान नहीं मिलने पर वेंडर ने सीएम हेल्पलाइन, कलेक्टर जनसुनवाई और कमिश्नर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई। लगातार शिकायतों के बाद जिला पंचायत प्रशासन ने मामले की जांच कराई।

जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत के सरकारी खाते में भुगतान के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध थी, इसके बावजूद सरपंच और सचिव ने जानबूझकर भुगतान नहीं किया। जिला पंचायत ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता और शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही माना।

जांच रिपोर्ट के आधार पर सीईओ अभय सिंह ने सरपंच नन्हू सिंह को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने के आदेश जारी कर दिए। इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में भी प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्यों में लापरवाही और भुगतान में अनावश्यक देरी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी

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