अशोकनगर। जिले में फर्जी बैंक खातों के जरिए साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के नेतृत्व में जिलेभर में साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह कंवर और एसडीओपी विवेक शर्मा के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह का खुलासा किया।
मामले की शुरुआत 7 अप्रैल 2026 को हुई, जब एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके और अन्य लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर बिना वैधानिक प्रक्रिया के बैंक खाते खोले गए। जांच के दौरान पुलिस ने करन अहिरवार, सुयश सिंघई, जितेन्द्र पुरी और प्रवल प्रताप सिंह तोमर को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से मोबाइल फोन जब्त किए गए और जांच में बड़े पैमाने पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन (लाखों से करोड़ों रुपये तक) सामने आने की आशंका जताई गई।
पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गिरोह के अंतर्राज्यीय नेटवर्क का पता लगाया। इसके बाद 24 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के उन्नाव में दबिश देकर अमित पासी और विजयकांत परिहार को गिरफ्तार किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि ये आरोपी जियो पेमेंट बैंक खातों के लिए आईडी, पासवर्ड और ओटीपी उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों में किया जाता था।
इसी क्रम में मनीष अहिरवार नामक एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया, जिसने फर्जी खाते खुलवाकर उनकी जानकारी बेंगलुरु स्थित एक अज्ञात व्यक्ति को उपलब्ध कराना स्वीकार किया है।
पुलिस के अनुसार इस गिरोह का नेटवर्क व्यापक है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही साइबर धोखाधड़ी से जुड़े वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल और कोतवाली थाना पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की अपील:
अशोकनगर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने व्यक्तिगत दस्तावेज जैसे आधार, पैन और बैंक डिटेल किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।