पुलिस अधीक्षक अशोकनगर श्री राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में जिले में अपराधों की रोकथाम एवं अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु सतत अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक अशोकनगर श्री राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गजेन्द्र सिंह कंवर एवं एसडीओपी चंदेरी श्री महेश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में थाना कदवाया द्वारा चोरी गई मोटरसाइकिल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई है।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 13.02.2026 को फरियादी राजेश पुत्र बीरन सिंह जाटव, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम टोरिया, थाना इंदार, जिला शिवपुरी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उनकी हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन क्रमांक MP33ZL4199) अज्ञात आरोपी द्वारा चोरी कर ली गई है। उक्त रिपोर्ट पर थाना कदवाया में अपराध क्रमांक 18/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। दिनांक 20.04.2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि चोरी की मोटरसाइकिल से एक व्यक्ति खनियाधाना रोड से कदवाया की ओर आ रहा है। सूचना पर पुलिस द्वारा तत्काल वाहन चेकिंग की कार्रवाई की गई।
इसी दौरान एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल आती दिखाई दी, जिसका चालक पुलिस को देखकर वापस मुड़ने का प्रयास करने लगा। पुलिस द्वारा घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दीपक पुत्र सुखबीर यादव, उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्राम आलम पिपरोदा, थाना मायापुर, जिला शिवपुरी (म.प्र.) बताया।
वाहन के इंजन एवं चेसिस नंबर का मिलान करने पर उक्त मोटरसाइकिल थाना कदवाया के अपराध क्रमांक 18/26 में चोरी गई होना प्रमाणित हुआ। आरोपी से सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि दिनांक 25.11.2025 को ग्राम कदवाया से अपने गांव जाते समय उसे एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल खड़ी मिली, जिसमें चाबी लगी हुई थी। उसने उसे चोरी कर अपने घर ले जाकर छिपा दिया था।
पुलिस द्वारा आरोपी से चोरी गई मोटरसाइकिल विधिवत जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया तथा माननीय न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेशानुसार आरोपी को जिला जेल अशोकनगर भेजा गया है।
उपरोक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी कदवाया निरीक्षक मनीष सिंह जादौन, सहायक उपनिरीक्षक नूरमल सिंह भील, प्रधान आरक्षक राम सिंह, प्रधान आरक्षक अरविन्द रघुवंशी, आरक्षक आकाश यादव, आरक्षक धर्मेन्द्र दांगी, आरक्षक रमेश भील, आरक्षक राजकुमार मीणा, आरक्षक अरशद अली, आरक्षक रवि राणा एवं चालक आरक्षक शंकरलाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।