अशोकनगर, 20 अप्रैल 2026। अक्षय तृतीया के अवसर पर जिले में बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत ग्राम आमखेड़ा एवं तूमैन क्षेत्र में विशेष जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान चलाया गया। यह अभियान मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अशोकनगर द्वारा संचालित किया गया।
अभियान के तहत जिला विधिक सहायता अधिकारी हेमंत कुशवाहा ने टीम के साथ विवाह सम्मेलन स्थल का निरीक्षण किया। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा एक दिन पूर्व ही 24 जोड़ों के आयु संबंधी दस्तावेजों एवं अन्य कानूनी औपचारिकताओं की जांच की जा चुकी थी, जिसे मौके पर पुनः सत्यापित किया गया।
अक्षय तृतीया पर आयोजित विवाह सम्मेलन में सभी 24 जोड़ों का विवाह हिंदू रीति-रिवाज एवं वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार संपन्न कराया गया। प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि वधु की आयु 18 वर्ष से अधिक एवं वर की आयु 21 वर्ष से अधिक हो, जिससे बाल विवाह निषेध अधिनियम का पूर्ण पालन हो सके।
यह अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं पुलिस के समन्वय से चलाया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को दहेज प्रथा एवं बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध जागरूक किया गया, साथ ही निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी भी दी गई।
नवविवाहित जोड़ों को आवश्यक घरेलू सामग्री प्रदान की गई। साथ ही नागरिकों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन 15100 के बारे में जानकारी देकर जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
यह आयोजन सामाजिक जागरूकता का उदाहरण बना, जिसमें बाल विवाह के खिलाफ सख्त संदेश देते हुए वैधानिक एवं सरल विवाह को बढ़ावा दिया गया।