अशोकनगर। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आमखेड़ा धाम में आयोजित सर्वसमाज के सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन ने सामाजिक एकता और समरसता की अनूठी मिसाल पेश की। इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए 25 जोड़े वैदिक रीति-रिवाज से विवाह बंधन में बंधे।
कार्यक्रम पीठाधीश्वर कल्याणदास महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ, जहां दूल्हों की बारात निकासी से लेकर सात फेरे और कन्याओं की विदाई तक सभी रस्में पारंपरिक ढंग से निभाई गईं। इस अवसर पर साधु-संतों सहित कई जनप्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया।
विदाई में भावुक हुए लोग
सामूहिक विवाह के दौरान सबसे मार्मिक क्षण बेटियों की विदाई का रहा, जब उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। पीठाधीश्वर सहित जनसमूह ने नवविवाहित जोड़ों के सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
उपहार स्वरूप मिला गृहस्थी का सामान
धाम की ओर से नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक सामग्री भेंट की गई। इसमें सोने-चांदी के आभूषण, अलमारी, पलंग, सिलाई मशीन, मिक्सी, कूलर, वॉशिंग मशीन सहित अन्य उपयोगी वस्तुएं शामिल रहीं। प्रत्येक दूल्हे को मोटरसाइकिल भी प्रदान की गई। साथ ही विदाई से पहले नवदंपत्तियों को रामायण भेंट कर सद्मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
भजन संध्या ने बांधा समां
विवाह सम्मेलन से एक दिन पूर्व हल्दी और मेहंदी की रस्में आयोजित की गईं। वहीं बुंदेलखंड के प्रसिद्ध गायक रामकिशोर मुखिया की भजन संध्या में भक्तिमय माहौल बना रहा, जहां देर रात तक श्रद्धालु भजनों पर झूमते रहे।
यह आयोजन न केवल जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बना, बल्कि समाज में आपसी सहयोग, समानता और सांस्कृतिक परंपराओं को सुदृढ़ करने का संदेश भी दे गया।