प्रशासन की सतर्कता से टले 2 बाल विवाह, अक्षय तृतीया पर सख्त निगरानी

शिवपुरी। जिले में प्रशासन की सक्रियता के चलते अक्षय तृतीया से पहले दो बाल विवाह रुकवाए गए। चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन के हेल्पलाइन नंबर 1098 पर मिली सूचना के आधार पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मामलों में मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवाया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार पहला मामला तेंदुआ थाना क्षेत्र के ग्राम डेहरवारा का है, जहां 17 वर्षीय लड़के का विवाह तय किया गया था। जांच में सामने आया कि जिस लड़की से विवाह होना था, वह सिरोंज क्षेत्र की निवासी है और उसकी उम्र भी 18 वर्ष से कम है। वहीं दूसरा मामला रन्नौद थाना क्षेत्र के ग्राम छाबरा का है, जहां 17 वर्ष 10 माह की नाबालिग लड़की का विवाह कराया जा रहा था।

कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देशन में गठित टीम ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर जांच की और परिजनों को समझाइश दी। साथ ही बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों और दंड के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद दोनों परिवारों ने निर्धारित आयु पूरी होने से पहले विवाह न करने का लिखित आश्वासन दिया।

प्रशासन ने बताया कि अक्षय तृतीया के मौके पर जिलेभर में विवाह आयोजनों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इसके लिए अलग-अलग निगरानी दल गठित किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह कराते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि बाल विवाह की किसी भी जानकारी को तुरंत हेल्पलाइन 1098 या नजदीकी थाने पर दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। कानून के अनुसार लड़के की न्यूनतम विवाह आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष निर्धारित है, इससे कम उम्र में विवाह कराना दंडनीय अपराध है।

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