मध्य प्रदेश के गुना जिले में कथित हवाला और कैश डील से जुड़े एक बड़े मामले ने प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए गुना के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे-46 पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक स्कॉर्पियो से करीब 1 करोड़ रुपये नकद बरामद किए थे। आरोप है कि इस राशि को जब्त करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये लेकर मामला रफा-दफा कर दिया। बाद में उच्च स्तर के हस्तक्षेप के बाद रकम लौटाए जाने की भी चर्चा है।
पहले ही हो चुकी है कार्रवाई
इस मामले में ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी ने जांच के बाद चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित होने वालों में थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी समेत अन्य स्टाफ शामिल हैं। जांच में प्रथम दृष्टया कार्रवाई में गंभीर लापरवाही और संदिग्ध आचरण सामने आया है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही जांच टीम
मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और उस व्यापारी की तलाश कर रही है, जिससे कथित ‘डील’ की गई थी।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में न केवल निचले स्तर के कर्मचारियों, बल्कि जिले के शीर्ष अधिकारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
आगे और बढ़ सकती है कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा बढ़ सकता है और इस मामले में अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई संभव है। यदि हवाला या अवैध लेन-देन की पुष्टि होती है, तो मामला बड़ी जांच एजेंसियों तक भी पहुंच सकता है।