भारतीय मजदूर संघ जिला अशोकनगर द्वारा स्वदेशी आंदोलन शाहिद बाबूगेनू बलिदान दिवस मनाया*स्वदेशी अपनाएं --हरि सिंह रघुवंशी (हैरी)*


अशोकनगर-: उल्लेखनीय है कि भारतीय मजदूर संघ प्रदेश के आवाह्न पर भारतीय मजदूर संघ जिला इकाई अशोक नगर द्वारा स्वदेशी आंदोलन शहीद बाबूगेगू बलिदान दिवस  को मनाया 

स्वदेशी आन्दोलन पखवाडा शहीद बाबूगेनू बलिदान दिवस का आयोजन हुआ
 स्वदेशी आन्दोलन पखवाडा शहीद बाबूगेनू बलिदान दिवस का आयोजन 12 दिसंबर अशोकनगर नया बस स्टैंड मंदिर परिसर में किया गया 
कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय मजदूर संघ अशोक नगर के पूर्वजिलाध्यक्ष भागचंद जैन द्वारा की गई कार्यक्रम में अतिथि के रूप में वरिष्ठ नागरिक परिसंघ के प्रदेश पदाधिकारी रामवीर सिंह रघुवंशी रहे और कार्यक्रम में मुख्यवक्ता भारतीय मजदूर संघ अशोक नगर के जिला मंत्री एवं प्रदेश महामंत्री भारतीय प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ मध्य प्रदेश के हरिसिंह रघुवंशी *हैरी* रहे उपस्थित हुए।

कार्यक्रम दौरान भांगचंद जैन द्वारा अपने उद्बोधन में बताया  कि सभी अपने दैनिक जीवन में  वेशभूषा स्वदेशी को ही अपनाएं फिर इसका अपने जीवन में अंतर देखें

इसी प्रकार से रामवीर सिंह रघुवंशी द्वारा बताया गया है कि अपने अपने घरों में एवं दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करें जिनके गुणवत्ता बहुत अच्छी रहती है और निष्कर्ष भी बहुत अच्छा निकलता है।
मुख्य वक्ता हरि सिंह रघुवंशी ( हैरी) ने अपने उद्बोधन में द्वारा बताया गया कि हमें अपने दैनिक जीवन में *स्वदेशी अपनाओ*-
१.स्वदेशी भाषा 
२.स्वदेशी भूषा पोशाक
३ उपासना पूजा अर्चना
४.भोजन
५.भ्रमण 
६.भवन घर 
७.स्वरोजगार अपनाएं

आदि  स्वदेशी विचार पर प्रकाश डालते हुए उक्त आंदोलन के बारे में जानकारी देते हुए
 उपस्थित लोगों को स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने की संकल्प दिलाया 
 भारत को आत्मनिर्भर बनाने में  सहयोग करने की अपील की।

इस अवसर पर अधिकारी कर्मचारी पेंशनर्स संघ के जिला अध्यक्ष दिनेश बिरथरे और महेंद्र शर्मा  द्वारा भी अपने विचार प्रकट किए गए 

इस मौके पर कृषि उपज मंडी मजदूर महासंघ  अध्यक्ष किशोर दुबे तुलावर संघ  अध्यक्ष प्रकाश सिंह यादव राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी विजय रघुवंशी और दिनेश गुप्ता  आदि उपस्थित रहे ।

कार्यक्रम के अंत में आभार प्रगट भारतीय मजदूर संघ की जिला उपाध्यक्ष  बबीता रघुवंशी द्वारा किया गया

कार्यक्रम दौरान विशेष जानकारी  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए -:

उन्होंने कहा कि स्वदेशी अर्थात स्वआधारित जीवन शैली, भारत की आत्मनिर्भता, स्वालम्बन और संप्रभुता के लिये स्वदेशी बहुत आवश्यक है। स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी और बालगंगाधर तिलक ने स्वदेशी को प्रमुख हथियार के रूप में उपयोग करते हुये, समाज में स्वभाषा, स्वभूषा, स्वधर्म, स्वसंस्कृति तथा स्वदेश के प्रति गौरवपूर्ण भाव जागृत करने के लिये श्स्वदेशी आन्दोलनश् प्रारम्भ किया था। परिणाम स्वरूप एक गोदी श्रमिक बाबूगेनू ने गरीबी की हालत में रहते हुये भी स्वदेशी आन्दोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। जब मुम्बई की गोदी (बंदरगाह) से विदेशी वस्त्रों से लदे ट्रक खाना होने लगे तो स्वदेशी आन्दोलन के अगुआई बाबूगेनू ने 12 दिसम्बर 1930 को अपना विरोध प्रगट करते हुये एक ट्रक के सामने लेट गये। क्रूर अंग्रेज सर जेण्ट ने अपनी क्रूरता की पराकाष्टा दिखाते हुये स्वदेशी आन्दोलन को कुचलने की दृष्टि से ट्रक (लॉरी) बाबूगेनू के ऊपर चढ़ाकर कुचल दिया परिणाम स्वरूप विदेशी वस्तुओं का विरोध करते हुये बाबूगेनू ने स्वेदेशी के लिये अपने प्राणो का त्याग कर बलिदान हो गये। बाबूगेनू देश एवं समाज के समक्ष स्वदेशी के लिये अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। इसलिये भा.म.संघ, एक सामान्य गोदी मजदूर शहीद बाबूगेनू की स्मृति में उनके बलिदान दिवस 12 दिसम्बर पर स्वदेशी आन्दोलन के रूप में, स्वदेशी पखवाडा मनाते हुये स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग और विदेशी वस्तुओं के वहिष्कार हेतु समाज में जनजागरण अभियान चलाता है


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