अशोकनगर-बहादुरपुर थाना क्षेत्र से महाराष्ट्र मजदूरी करने गए 35 लोग शनिवार को वापस लौट आए हैं। हालांकि, अभी भी 30 से 40 मजदूर महाराष्ट्र में फंसे हैं, जिन्हें वापस लाने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। लौटे लोगों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं, जिन्हें सकुशल उनके घरों तक पहुंचा दिया गया है। दरअसल, कुछ दिनों पहले जरौली बुजुर्ग, टीला और बेलई गांवों के लगभग 70 से 80 मजदूरों के परिजन विधायक बृजेंद्र सिंह यादव से मिले थे। उन्होंने विधायक को बताया था कि उनके परिवार के सदस्य महाराष्ट्र के सोलापुर में मजदूरी करने गए थे, जहां उन्हें कथित तौर पर बंधक बना लिया गया है, पैसे नहीं दिए जा रहे और जबरन काम करवाया जा रहा है। अशोकनगर पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस से बात की
इस जानकारी के बाद विधायक बृजेंद्र सिंह यादव ने स्थानीय पुलिस से बात की और अशोकनगर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा को भी मामले से अवगत कराया। एसपी मिश्रा के निर्देश पर मुंगावली थाना प्रभारी अरविंद सिंह और बहादुरपुर थाना प्रभारी नीलम सिंह यादव ने मजदूरों को वापस लाने के प्रयास शुरू किए। पुलिस अधिकारियों ने महाराष्ट्र की स्थानीय पुलिस का सहयोग लिया और लगातार मजदूरों के संपर्क में रहे। इन प्रयासों के बाद, सोलापुर जिले के शेलगांव से 35 मजदूर शनिवार को सकुशल अपने घर लौट आए। बकाया मजदूरों को भी ले आएंगे
मुंगावली थाना प्रभारी ने बताया कि अभी भी दो अलग-अलग स्थानों पर मजदूर फंसे हुए हैं, जिनमें से एक जगह पर 30 और दूसरी जगह पर 8 लोग हैं। उनसे फोन पर बात हो चुकी है, लेकिन वे अपनी सटीक लोकेशन नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस उनकी जानकारी जुटाकर जल्द ही उन्हें भी वापस लाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अशोकनगर से पुलिस की एक टीम भी भेजी जा सकती है