अनुविभाग ईसागढ़ अंतर्गत ग्राम कुलवार निवासी मुन्नी बाई एवं उनके पति छोटेलाल आदिवासी द्वारा उनकी स्वयं की भूमि पर उत्पादित गेहूं फसल के विक्रय की संपूर्ण प्रक्रिया 07 अप्रैल 2026 को कृषि उपज मंडी, ईसागढ़ में विधिवत संपन्न की गई।
उक्त प्रक्रिया के अंतर्गत मुन्नी बाई द्वारा फसल को मंडी ईसागढ़ में लाया गया, जहां प्रचलित व्यवस्था अनुसार तुलाई, बोली (नीलामी) एवं विक्रय की समस्त कार्यवाही उनके द्वारा स्वयं की गई। इस दौरान प्रशासनिक अमले जिसमें नायब तहसीलदार ईसागढ़ रितु परमार, सीईओ जनपद पंचायत ईसागढ़ ए पी प्रजापति, कृषि विस्तार अधिकारी, मंडी सचिव,हल्का पटवारी ग्राम आकलोन संजीव शर्मा एवं हल्का पटवारी ग्राम कुलवार राजेंद्र भदौरिया आदि द्वारा उपस्थित रहकर आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से पूर्ण हो सकी।
उल्लेखनीय है कि 01 अप्रैल 2026 को प्रमुख सचिव, श्रम विभाग, मध्यप्रदेश शासन श्री रघुराज राजेंद्रन द्वारा कलेक्टर श्री साकेत मालवीय के साथ ग्राम कुलवार में मुन्नी बाई के निवास पर पहुँचकर उनसे प्रत्यक्ष रूप से चर्चा की गई। इस दौरान उन्होंने परिवार की स्थिति, आजीविका एवं किसी प्रकार की समस्या के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे हितग्राही को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया । उन्हें समझाइश दी गई कि वह अपनी भूमि की भू स्वामी है और भूमि उसी के स्वत्त्व पर दर्ज है । प्रमुख सचिव के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में प्रशासन द्वारा आवश्यक समन्वय स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि हितग्राही को उसकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो।
इसके अतिरिक्त, माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर द्वारा पारित आदेश (डब्ल्यू.पी. क्रमांक 5766/2025) में बंधुआ मजदूरी संबंधी प्रकरणों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है। उक्त निर्देशों के परिपालन में प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ऐसे किसी भी प्रकरण, जिसमें आदिवासी वर्ग के व्यक्तियों को बंधुआ मजदूर की श्रेणी में रखा गया हो, पर प्रभावी एवं सख्त कार्यवाही की जाए। प्रमुख सचिव के निर्देशन में इस प्रकार संपूर्ण प्रक्रिया में मुन्नी बाई द्वारा स्वयं सक्रिय रूप से भाग लेते हुए अपने अधिकारों का उपयोग किया गया, वहीं प्रशासन द्वारा सहयोगात्मक भूमिका निभाते हुए कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराते हुए फसल बिक्री से प्राप्त 62125 रुपए की राशि मुन्नी बाई के खाते में अंतरित करवाई गई। इस पूरी प्रक्रिया में मिले प्रशासनिक सहयोग से मुन्नी बाई और उनके पति छोटेलाल आदिवासी संतुष्ट नजर आए ।