कटनी/जिला
जिले में स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ उनकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है।
प्रशासन ने सभी निजी और सरकारी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे फीस, सुविधाओं और अन्य जरूरी जानकारियां अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें, ताकि अभिभावकों को पारदर्शी जानकारी मिल सके।
फीस बढ़ोतरी को लेकर भी सख्ती बरती गई है। अब कोई भी स्कूल मनमाने ढंग से फीस नहीं बढ़ा सकेगा। इसके लिए पहले निर्धारित समिति से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
यूनिफॉर्म के मामले में भी राहत दी गई है। स्कूल अब हर साल यूनिफॉर्म बदलने के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं बना सकेंगे। साथ ही किताबों और यूनिफॉर्म को किसी एक दुकान से खरीदने की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है।
RTE के तहत बच्चों के प्रवेश को लेकर भी प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि पहले एडमिशन दिया जाए और बाद में दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसमें लापरवाही करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल वाहनों के लिए भी कड़े नियम लागू किए गए हैं। सभी वाहनों में फिटनेस सर्टिफिकेट, GPS और जरूरी दस्तावेज होना अनिवार्य है। बिना परमिट वाहनों से बच्चों का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
इसके अलावा नाबालिग छात्रों द्वारा वाहन चलाने पर भी रोक लगाई गई है। ऐसे मामलों में स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिला प्रशासन ने बताया कि 1 से 15 अप्रैल तक विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसके दौरान सभी स्कूलों की सघन मॉनिटरिंग की जाएगी।
प्रशासन के इस कदम से अभिभावकों को राहत मिलने के साथ ही शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद है।