म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश श्री सतीश चन्द्र शर्मा के मार्गदर्शन में जिला न्यायाधीश श्री प्रकाश केरकेट्टा, सचिव श्री मनीष अनुरागी, न्यायाधीश श्री शुभम द्विवेदी एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी की उपस्थिति में गुरूवार को जिला जेल में बंदियों से व्यक्तिगत रूप से साक्षात्कार एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान निरूद्व बंदियों से उनके अधिवक्ताओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर बताया गया कि यदि किसी बंदी के पास अधिवक्ता नहीं है तो वह विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकता है। साथ ही बंदियों के अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई व बताया गया कि प्रत्येक बंदी को अपने अधिकार और कानूनी सलाह, विधिक सहायता के माध्यम से प्राप्त करने का अधिकार है। बंदियों को प्लीबार्गेनिंग योजना के संबंध में भी जानकारी दी गई। साथ ही बंदियों से उनके स्वास्थ्य, खान-पान एवं प्रकरणों की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली गई। बंदियों से अपील की गई कि जेल सुधार गृह है। यहां रहने के दौरान आत्ममंथन और चिंतन करने की जरूरत है। मन में हताशा एवं निराशा के भाव नहीं रखना चाहिए। जिससे यहां से निकलने के बाद वे समाज में अच्छे नागरिक होने का दायित्व निभा सकें। इसी क्रम में जिला जेल की पाकशाला, लाइब्रेरी, वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष एवं जेल परिसर आदि का निरीक्षण किया गया।
जिला जेल अशोकनगर में विधिक जागरूकता शिविर एवं बंदियों को बताए अधिकार
byZee Next 24
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