जिला मुख्यालय मंडला से मवई मुख्यालय लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है ,क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली एक बार फिर चर्चा में है। विगत कई वर्षों से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है, जिसका ताजा उदाहरण 22 नवंबर को तब देखने को मिला जब ढाबा ग्राम (विकासखंड समनापुर) निवासी शालिकराम (42 वर्ष) का सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद समय पर इलाज न मिल पाने से निधन हो गया।
जानकारी के अनुसार, शालिकराम अपने साथी के साथ सरसडोली रिश्तेदारी में आए थे। लौटते समय बाइक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए,ग्रामीणों ने एंबुलेंस को कई बार फोन लगाया, परंतु एंबुलेंस समय पर घटना स्थल नहीं पहुंची और उसका लोकेशन भी अन्यत्र दिखा रहा था। इससे पूर्व भी धनगांव रोड पर हुए हादसे में तीन लोगों की मौत के दौरान एंबुलेंस समय पर न पहुंचने की शिकायत उठी थी।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का आरोप है कि मवई क्षेत्र में उपलब्ध दो एंबुलेंस फर्जी केस बनाकर संचालित की जा रही हैं, तथा कुछ डॉक्टरों और संचालकों की मिलीभगत से एंबुलेंस अक्सर क्षेत्र से बाहर रहती हैं। इस गड़बड़ी के चलते शासन का करोड़ों रूपये का नुकसान हो रहा है। कांग्रेस कमेटी ने मामले को जांच का विषय बताया है।
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक नारायण सिंह पट्टा (बिछिया) एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संतोष रानू हरदहा मवई स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घायलों के परिजनों से मिले। उपचार के दौरान शालिकराम ने दम तोड़ दिया, जबकि एक घायल का उपचार जारी रहा। परिजनों का कहना है कि यदि एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती तो शायद जान बचाई जा सकती थी।
अगले दिन पोस्टमार्टम कराने में भी भारी अव्यवस्था देखने को मिली। परिजन सुबह से अस्पताल में इंतजार करते रहे, लेकिन प्रशासन से स्पष्ट जानकारी न मिलने पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। परिजनों की सूचना पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संतोष रानू हरदहा अस्पताल पहुंचे और संतोषजनक जवाब न मिलने पर परिजनों के साथ अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गए।
धरने के बाद प्रशासन हरकत में आया और लगभग आधे घंटे में डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शाम 6 बजे तक पोस्टमार्टम पूरा होने की जानकारी दी गई जिसके बाद धरना समाप्त किया गया। लेकिन परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रशासन व सरकार की ओर से डेड बॉडी घर पहुंचाने के लिए वाहन तक उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरन परिजनों ने निजी वाहन से करीब 40 किलोमीटर दूर ढाबा ग्राम ले जाकर अंतिम संस्कार किया।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कहा कि भाजपा सरकार जहां अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुविधा पहुंचाने का दावा करती है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में मौत के बाद भी पोस्टमार्टम और एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। यह प्रशासन की पूरी तरह नाकामी दर्शाता है।
कांग्रेस कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि मवई क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था तत्काल बहाल नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।