क्या हुआ घटनाक्रम में?
आबकारी टीम नदी किनारे चल रहे अवैध शराब निर्माण की सूचना पर पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान शराब बनाने वालों ने टीम पर गुलेल से हमला कर दिया। हमले में प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक सुरेश सिंह रघुवंशी की गर्दन और पेट में चोट आई। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद टीम ने कार्रवाई जारी रखी।
कितनी मात्रा में शराब सामग्री जब्त/नष्ट हुई?
3,000 लीटर महुआ लाहन (9 लोहे और 6 प्लास्टिक टंकियों में भरा)
18 लीटर हाथभट्टी शराब बरामद
अनुमानित कीमत: लगभग 4.78 लाख रुपए
लाहन को मौके पर ही पंचनामा बनाकर नष्ट किया गया
मेले में खपाने की थी तैयारी
यह अवैध शराब आगामी करीला मेले में बेचने के उद्देश्य से तैयार की जा रही थी। कलेक्टर के निर्देश पर मेले के आसपास के क्षेत्रों में लगातार गश्त और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
पहले भी हो चुकी थी कार्रवाई
कुछ समय पहले पुलिस ने इसी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में लाहन नष्ट किया था, लेकिन आरोपियों ने दोबारा नदी किनारे अवैध शराब बनाना शुरू कर दिया।
किन धाराओं में मामला दर्ज?
आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) और 34(एफ) के तहत तीन प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि करीला मेला समाप्त होने तक अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।