जिला शिक्षा विभाग का एक और अजीबो-गरीब कारनामा सामने आया है, जहां जेल में बंद शिक्षक को 22 महीने तक वेतन मिलता रहा,

 लेकिन दोषमुक्त होकर बाहर आने और दोबारा स्कूल ज्वाइन करने के बाद वेतन रोक दिया गया। यह मामला अब विभागीय लापरवाही, सिस्टम की खामियों और एक शिक्षक के परिवार की आर्थिक पीड़ा की कहानी बन चुका है। दीपनगर थाना क्षेत्र के नबीनगर गांव निवासी ब्रज किशोर चौधरी हत्या के एक मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए थे। इसी दौरान उन्होंने टीआरई-1 परीक्षा पास कर ली।

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