गर्दनीबाग में आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने लिखित परीक्षा में अपनी जगह दूसरे व्यक्ति को बैठाकर लगभग 50 हजार रुपये में परीक्षा पास कराई।



क्या है मामला?

पुलिस के अनुसार बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट और फेस स्कैन) के दौरान गड़बड़ी पकड़ी गई। मिलान नहीं होने पर अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में फर्जीवाड़े की बात सामने आई।

गिरफ्तार अभ्यर्थी

राजेश कुमार (सारण)

रणवीर कुमार (लखीसराय)

संजित कुमार

चौथे आरोपी की पहचान सत्यापन के बाद सार्वजनिक की जाएगी।


पहले भी हो चुके हैं गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि अब तक तीन दर्जन से अधिक तथाकथित ‘मुन्ना भाई’ परीक्षा में धांधली के आरोप में पकड़े जा चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि संगठित गिरोह सक्रिय हो सकते हैं।

बायोमेट्रिक सिस्टम की अहमियत

यह मामला दिखाता है कि बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। फिंगरप्रिंट और फेस स्कैन जैसी तकनीकें फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान करने में प्रभावी साबित हो रही हैं।

पुलिस ने संकेत दिया है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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