क्या है मामला?
पुलिस के अनुसार बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट और फेस स्कैन) के दौरान गड़बड़ी पकड़ी गई। मिलान नहीं होने पर अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में फर्जीवाड़े की बात सामने आई।
गिरफ्तार अभ्यर्थी
राजेश कुमार (सारण)
रणवीर कुमार (लखीसराय)
संजित कुमार
चौथे आरोपी की पहचान सत्यापन के बाद सार्वजनिक की जाएगी।
पहले भी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि अब तक तीन दर्जन से अधिक तथाकथित ‘मुन्ना भाई’ परीक्षा में धांधली के आरोप में पकड़े जा चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि संगठित गिरोह सक्रिय हो सकते हैं।
बायोमेट्रिक सिस्टम की अहमियत
यह मामला दिखाता है कि बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। फिंगरप्रिंट और फेस स्कैन जैसी तकनीकें फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान करने में प्रभावी साबित हो रही हैं।
पुलिस ने संकेत दिया है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।