के लगातार बने रहने से साफ है कि यह समस्या मौसमी नहीं बल्कि सालभर बनी रहती है। प्रदूषण की समस्या परिवहन, उद्योग और पावर प्लांट जैसे क्षेत्रों से होने वाले निरंतर उत्सर्जन की वजह से है।
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी ऐंड क्लीन एयर (CREA) ने शुक्रवार को एक विश्लेषण जारी किया है। इसमें सेटलाइट डेटा का इस्तेमाल करते हुए CREA ने दावा किया कि देश के 4041 शहरों में से 1787 शहरों में पांच साल (2019-24) के दौरान हर साल पीएम 2.5 मानकों से अधिक रहा। इसमें कोविड वर्ष 2020 शामिल नहीं है। इसका साफ मतलब है कि देश के लगभग 44 प्रतिशत शहर लंबे समय से प्रदूषण का सामना कर रहे हैं।